श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी का जीवन परिचय। Atal Bihari Vajpayee biography in hindi

दोस्तों बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है की भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इस दुनिया में नहीं रहे ,ब्रह्स्पतिबार शाम 5 .05 बजे AIIMS में आखरी साँस ली ,तीन बार प्रधानमंत्री रहे देश के सियासत के शलाका पुरुष। 93 बर्षीय बहुमुखी प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने हमें 16 अगस्त 2018 को अलविदा बोल दिया। भगबान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। अटल जी की मृत्यु पर 7 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। 


Atal Bihari Vajpayee Biography in Hindi .अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीती के एक महान नेता माने जाते है। अटल जी एक राजनेता होने के साथ साथ एक महान कबि भी थे। दोस्तों जबहरलाल नेहरू के बाद अटल जी सबसे ज्यादा बार भारत के प्रधान मंत्री बनने बाले नेता है ,बे तीन बार भारत के प्रधान मंत्री रह चुके है। अटल जी देश की आजादी से पहले भी महात्मा गाँधी जी के साथ मिलकर देश की सेवा करते थे। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में भी भाग लिया था और कई बार जेल भी गए। दोस्तों मई आपको बता दू की अटल जी बिश्व के पहले ऐसे राजनेता है जिन्होंने UN की जनरल असेम्ब्ली में हिंदी में भाषण दिए थे।

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संक्षिप्त जीवन परिचय 

नाम                                   अटल बिहारी वाजपेयी

जन्म                                         25 दिसंबर 1925

जन्मस्थान                                 ग्वालियर मघ्य प्रदेश

माता-पिता                                 कृष्णा देवी,कृष्ण बिहारी वाजपेयी

राजनैतिक पार्टी                          भारतीय जनता पार्टी

अवार्ड                                        1992 पद्मा विभूषण

                                                1994 लोकमान्य तिलक अवार्ड

                                                1994  पंडित गोविन्द वल्लभ पंत

                                                 2014  भारत रत्न

अटल जी का आरंभिक जीवन

अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म 25 दिसम्बर सन 1924 को ग्वालियर के एक छोटे से गाँब में हुआ था अटल जी के पिता जी एक स्कूल मास्टर थे। और साथ ही में एक महान कबि भी थे। जिसके चलते अटल जी को कबि का गुण अपने पिता जी से बिरासत में मिला था।

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अटल जी शिक्षा

अटल जी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गोरखी विद्यालय से प्राप्त की थी। और उसके आगे की पढ़ाई के लिए  अटल जी ग्वालियर में विक्टोरिया कॉलेज (जिसे अब लक्ष्मीबाई कॉलेज के नाम से जाना जाता है  में चले गए जहाँ से उन्होंने BA की। फिर कानपुर के दयानन्द एंग्लो वैदिक कॉलेज से राजनितिक बिज्ञान से M .A की। और उसके बाद इन्होने अपने सभी सहपाठियो को पीछे छोड़ते हुए कॉलेज में टॉप किया।और उसके बाद उन्होंने लखनऊ के लौ कॉलेज में आगे की पढ़ाई करने के लिए आबेदन भी किया परन्तु फिर उनका पढ़ाई में मन नहीं लगा और बे उसके बाद आरएसएस द्वारा पब्लिश मैगजीन में एडिटर का काम करने लगे। दोस्तों अटल जी को एक बहुत अच्छे पत्रकार ,राजनेता ,और कबि के रूप में भी जाना जाता है। अटल भयहारी बाजपेयी जी ने कभी शादी नहीं की लेकिन उन्होंने B N कॉल की 2 बेटिया जिनका नाम नमिता ,और नंदिता को गोद लिया था। दोस्तों अटल बिहारी बाजपेयी जी एक हमारे देश के सच्चे राजनेता और एक देश भक्त थे। उन्होंने अपनी पढ़ाई करते समय भी आजादी की लड़ाई में बे बड़े बड़े नेताओ के साथ खड़े रहे।

राजनितिक जीवन

  • अटल बिहारी वाजपेयी जी सन 1951 में वाजपेयी भारतीय जनसंघ में शामिल हुए। और इस राजनितिक पार्टी से1955 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़े लेकिन हार गए , फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। और उसके बाद सन 1957 में जनसंघ के प्रत्यासी के रूप में उत्तर प्रदेश के बलरामपुर लोकसभा से चुनाव लड़े और इस बार संदर जीत हाशिल की। और उसके बाद बे लगातार 20 साल तक जनसंघ के संसदीय दाल के नेता रहे।
  • अटल जी सन 1977 से 1979 तक मोरारजी देसाई की सरकार में विदेश मंत्री रहे।
  • सन 1980 में अटल जी जनता पार्टी से नाखुश होकर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बने।
  • सन 1996 में मात्र 13 दिनों के लिए अटल जी प्रधान मंत्री बने ,और फिर उसके बाद दूसरी बार 1988 से 2004 तक प्रधान मंत्री पद के लिए चुने गए।
  • अटल जी भारत के प्रधान मंत्री रहते हुए उन्होंने कई अहम कार्य किये। 11 और 13 मई को UN की शर्तानुसार जल ,थल ,और आकाश में परमाडु परिक्षण न करते हुए अटल की नेतृब में भारत के साइंटिस्ट ने 5 भूमिगत परमाणु परिक्षण किये और भारत को परमाणु संपन्न राष्ट बना दिया ,यह अटल जी की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
  • अटल जी के शासन काल में रहते हुए भारत और पाकिस्तान के संबंध को सुधारने के लिए कई सार्थक प्रयास किया। जिसमे यह भी एक अहम कदम था।
  • अटल जी ने भारत पाक के सम्बन्ध में सुधर के लिए पाक नबाज शरीफ से बातचीत करने के बाद 19 फरबरी सन 1999 को सदा ए सरहद नाम से नई दिल्ली और लाहौर के बीच बस सेवा शुरू की। लेकिन भारत को उसके बदले में कुछ महीनो के बाद कारगिल युद्ध मिला।

निजी जीवन 

दोस्तों अटल जी भी ए पी जे अब्दुल कलाम की तरह देश की सेवा में इतने मशहूल हो गए की उन्होंने देश की सेवा को अंतिम काम ही बना लिया। जिसके कारण उन्होंने शादी नहीं की लेकिन उन्होंने एक लड़की को गोद लिया था जिसका नाम नमिता है

अटल बिहारी बाजपेयी जी के मुख्य काम

  • दोस्तों अटल जी सत्ता में आने के तुरंत एक महीने बाद से ही उनकी सरकार ने मई 1998 में राजिस्थान के पोखराम में 5 अंडरग्राउंड न्यूक्लिअर का सफल परीक्षण करबाए। और परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा जिसकी चर्चा पूरे देश बिदेश में रही।
  • अटल जी के अपने समय में शुरू  किये गए नेशनल हाइवे डवलपमेंट प्रोजेक्ट NHDP और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना PMGSY उनके दिल के बेहद करीब थी। और अटल जी इसका काम खुद देखते थे। NHDP के द्वारा देश के चार मुख्य सहार दिल्ली ,मुंबई ,चेन्नई ,और कोलकत्ता को जोड़ने  किया। और PMGSY के द्वारा हमारे देश को एक अच्छी सड़के मिली जो की छोटे छोटे गॉंव को शहर  से जोड़ती थी जी गॉव बालो की काफी परेशानी  दूर हो गई।
  •  कारगिल युद्ध और आतंकबादी हमले के दौरान अटल जी के द्वारा लिए गए निर्णय ,उनकी लीडरशिप ने सबको प्रभाबित किया जिससे अटल जी की छवि सके सामने उभर का आई।

बर्तमान में अटल बिहारी वाजपेयी 

सन 2004 से ही अटल जी शारीरिक अबस्था  के कारण अटल जी ने सक्रीय राजनीती से सन्यास ले लिया। और बर्तमान में दिल्ली में कृष्णमेनन मार्ग स्थित सरकारी अबास में रहते थे। लेकिन लम्बे समय से बीमार होने के कारण AIIMS में इलाज चल रहा था।

जिसके चलते अटल बिहारी वाजपयी जी ने अपनी अंतिम साँस दिल्ली में AIIMS  अस्पताल में 16 अगस्त 2018 को शाम 5 .05 मिनट को ली और सदा के लिए बे स्वर्गबासी हो गए।

पुरस्कार। Award 

  • सन 1992 में पद्दा बिभूषण।
  • सन 1994 में लोकमान्य तिलक अवार्ड।
  • सन 1994 बेस्ट संसद अवार्ड।2018 सन 1994 पंडित गोविन्द बल्लभ पंत अवार्ड।
  • सन 2014 में भारत रत्न।

93 बर्ष की आयु में हुई मृत्यु

दोस्तों अटल जी अपने जीवन की अंतिम साँस दिल्ली के एम्स अस्पताल 16 अगस्त 2018 को ली। जिन डॉक्टर की टीम इनका इलाज कर रही थी उनके मुताबिक इनकी मृत्यु निमोनिया और बहु अंग बिफलता के कारण हुई। अटल जी काफी लम्बे समय से बीमार थे। 2009 में ये स्ट्रोक का शिकार हो गए थे जिसके कारण इनकी सोचने समझने की शक्ति पर असर पड़ा जिससे ये धीरे धीरे डिमेंशिया नामक बीमारी से ग्रस्त हो गए।

अटल जी के निधन पर किया गया राजकीय शोक का एलान

भारत के पूर्ब प्रधान मंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की मृत्यु पर हमारे देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोबिंद जी के द्वारा पूरे देश में सात दिन का राजकीय शोक की घोषणा की गई है। और सात दिन तक हमारे देश का झंडा आधा झुका हुआ रहेगा। और भारत में कई राज्यों की सरकारों ने भी अपने राज्य में राजकीय शोक घोषित किया है।

इसके अलावा कई राज्य की सरकारों ने भी अपने राज्य में राजकीय शोक घोषित करने की घोसणा कर दी है। और अपने राज्य के सरकारी स्कूल और दफ्तरों को भी बंद रखा है। जबकि हिमाचल प्रदेश की सरकार  ने अपने राज्य में 2 दिन के अबकाश का एलान किया है।

अंतिम संस्कार स्थान 

राष्ट्रीय स्मृति स्थल ,महात्मा गांधी मार्ग ,नई दिल्ली 

समय ; अपराह्न 4 .00 बजे 17 अगस्त सन 2018 

अटल बिहारी बाजपेयी जी के अनमोल बचन इन हिंदी

 छोटे मन से कोई बड़ा नही होता, टूटे हुए मन से कोई खड़ा नही होता
 हम दोस्तों को बदल सकते है लेकिन पड़ोसियों को नही बदल सकते है
 हमारे परमाणु हथियार विशुद्ध रूप से विरोधियो के परमाणु हमले को हतोत्साहित करने के लिए काफी है
 जलना होगा, गलना होगा और हमे कदम मिलकर एक साथ चलना होगा
 शीत युद्द के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ के खिलाफ एक गलत धारणा बन गयी है की संयुक्त राष्ट्र अब कोई समस्या हल नही कर सकता लेकिन हम वसुधैव कुटुम्बकम में विश्वास करते है और संयुक्त राष्ट्र पूरे विश्व को एक सूत्र में लेकर चल सकता है
 मै मरने से नही डरता हु, बल्कि बदनामी होने से डरता हु
 हमारा देश एक मन्दिर है और हम इसके पुजारी, हमे राष्ट्रदेव की पूजा में खुद को समर्पित कर देना चाहिए
 मौत की उम्र क्या दो पल भी नही, जिन्दगी की सिलसिला, आज कल की नही
 मै जी भर जिया, मै मन से मरु, लौट के आउगा, फिर कुच से क्यों डरु 
 भारत के जिन ऋषियों मुनियों ने एकात्म जीवन के ताने बाने को बुना था वह आज के समय अपेक्षा और उपहास का विषय बनाया जा रहा है
 सेवा कार्यो के लिए सरकार नीति बना सकती है लेकिन इसे अमल रूप में लाने के लिए समाज सेवी संस्थाओ को ही आगे आना होगा
 भारत इतना छोटा देश नही है की कोई भी इसे जेब में रख ले और उसका पिच्छलग्गू हो जाये पहले हम अपने आजादी एक लिए लड़े और अब दुनिया के आजादी के लिए लड़े
 भारत के प्रति अनन्य निष्ठा रखने वाले सभी भारतीय एक हैंफिर उनका मजहबभाषा तथा प्रदेश कोई भी क्यों न हो ।अटल बिहारी वाजपेयी
 इस देश में कभी मजहब के आधार परमत-भिन्नता के उगधार पर उत्पीड़न की बात नहीं उठीन उठेगीन उठनी चाहिए ।अटल बिहारी वाजपेयी
 पौरुषपराक्रमवीरता हमारे रक्त के रंग में मिली है । यह हमारी महान परंपरा का अंग है । यह संस्कारों द्वारा हमारे जीवन में ढाली जाती है ।अटल बिहारी वाजपेयी
 भारत एक प्राचीन राष्ट्र है ।  अगस्त को किसी नए राष्ट्र का जन्म नहींइस प्राचीन राष्ट्र को ही स्वतंत्रता मिली ।अटल बिहारी वाजपेयी
 कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक फैला हुआ यह भारत एक राष्ट्र हैअनेक राष्ट्रीयताओं का समूह नहीं ।अटल बिहारी वाजपेयी
 राष्ट्र कुछ संप्रदायों अथवा जनसमूहों का समुच्चय मात्र नहींअपितु एक जीवमान इकाई है ।अटल बिहारी वाजपेयी

दोस्तों अटल बिहारी वाजपेयी  जीवन परिचय आपको कैसा लगा आप हमे कमेंट करके बताये।

 

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Dilshad Saifi

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