Guru Nanak Dev Quotes in Hindi गुरु नानक देव के अनमोल विचार/वचन

नमस्कार दोस्तों HindiSource .Com में आपका स्वागत करता हूँ। जैसा की आप सभी जानते ही होंगे की सिखो के पहले ब प्रमुख गुरु श्री गुरु नानक जी है। और उनके जन्म दिन के अबसर पर गुरु नानक जयंती पूरे देश विदेश में मनाई जाती है। इस दिन सिख समुदाय के लोगो में काफी उत्साह देखने को मिलता है। तो दोस्तों आज हम गुरुं नानक जयंती के मौके पर हम आपके लिए लेकर आये है। श्री गुरु नानक देव जी के बेस्ट अनमोल वचन जिसे पढ़कर आपको बहुत कुछ खीखने को मिलेगा।

Guru Nanak dev Quotes in Hindi

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न कोई हिन्दू है न मुसलमान है – सभी मनुष्य हैं, सभी समान हैं.

गुरु नानक देव जी। 


यदि मनुष्य को सच्चा गुरू मिल गाए तो उसका मन भटकना छोड़ देता है उसके अंदर की सरिता बह निकलती है.

गुरु नानक देव जी। 


जो व्यक्ति परिश्रम करके कमाता है अपनी कमाई में से कुछ दान करता है, वह वास्तविक मार्ग ढूँढ लेता है.

गुरु नानक देव जी। 


 गुरु एक ऐसी नदी के समान है, जिसका जल सर्वदा निर्मल और स्वच्छ रहता है. उससे मिलने पर तुम्हारे ह्रदय का मैल धुल जाता है.

सच पर चलने से ह्रदय स्वच्छ हो जाता है और आत्मा पर से झूठ का मैल धुल जाता है.

गुरु नानक देव जी। 


यदि एक दिन संसार के सभी सुख और वैभवों को छोड़ना ही है, तो उनमें लिप्त क्यों हुआ जाय. दुनिया में जल के बीच कमल की भांति क्यों न रहा जाए.

गुरु नानक देव जी। 


जो असत्य बोलता है, वह गन्दगी खाता है, जो स्वयं भ्रम में पड़ा हुआ है, वह दूसरों को सत्य बोलने का उपदेश कैसे दे सकता है.

मोह को जलाकर और उसे घिसकर स्याही बनाओ, बुद्धि को श्रेष्ठ कागज़ बनाओ. प्रेम को कलम बनाओ और चित्त को लेखक.

ऐसे लोग जिनका मुंह और जीभ स्वच्छ और शुद्ध हैं, वे अनेक व्यक्तियों को स्वच्छ और शुद्ध बना देते हैं

गुरु नानक देव जी। 


जब हाथ, पैर और शरीर गन्दा हो जाता है तो जल उसे धोकर साफ़ कर देता है. जब कपड़े गंदे हो जाते हैं तो साबुन उसे साफ़ कर देता है. जब मन पाप और लज्जा से अपवित्र हो जाता है, तब ईश्वर नाम के प्रेम से वह स्वच्छ हो जाता है.

गुरु नानक देव जी। 


जो अपने आप को उपदेशक समझता है किन्तु दूसरों की भिक्षा पर गुजारा करता है, ऐसे मनुष्य के आगे अपना सिर मत नवाओ. जो अपने परिश्रम से जीविका चलता है और दूसरों का पोषण करता है, वही मार्ग दर्शन कर सकता है.

गुरु नानक देव जी। 


गुरु उपकारक हैं, पूर्ण शान्ति उसमें निहित हैं. वह त्रैलोक्य में उजाला करने वाला प्रकाश पुंज हैं. गुरु से प्यार करनेवाला व्यक्ति चिर शांति प्राप्त करता हैं.

गुरु नानक देव जी। 


यदि तू मस्तिष्क को शांत रख सकता है तो तू विश्व पर विजयी होगा.

गुरु नानक देव जी। 


ईश्वर का नाम तो सभी लेते हैं परन्तु कोई भी उसके रहस्य का थाह नहीं पा सकता है. यदि कोई गुरु की कृपा से अपने भीतर ईश्वर का नाम बिठा ले तो ही उसे फल प्राप्ति हो सकती है.

गुरु नानक देव जी। 


यह दुनिया सपने में रचे हुए एक ड्रामे के समान है

भगवान उन्हें ही मिलते है जो प्रेम से भरे हुए है

गुरु नानक देव जी। 


ईश्वर सर्वत्र विद्यमान है हम सबका पिता है इसलिए हमे सबके साथ मिलजुलकर प्रेमपूर्वक रहना चाहिए

कोई भी राजा कितना भी धन से भरा क्यू न हो लेकिन उनकी तुलना उस चीटी से भी नही की जा सकती है जिसमे ईश्वर का प्रेम भरा हुआ हो

गुरु नानक देव जी। 


अहंकार कभी भी मनुष्य को मनुष्य बनकर नही रहने देता है इसलिए कभी भी अहंकार या घमंड नही करना चाहिए

गुरु नानक देव जी। 


 तेरी हजारो आँखे है फिर भी एक आँख नही, तेरे हजारो रूप है फिर भी एक रूप नही

गुरु नानक देव जी। 


अपने मेहनत की कमाई से जरुरतमन्द की भलाई भी करनी चाहिए

गुरु नानक देव जी। 


कुबेर धन कोष से युक्त विशाल साम्राज्य के सम्राट व राजा भी भगवान के प्रेम में सराबोर चिंटी की बराबरी नहीं कर सकते.

गुरु नानक देव जी। 


रस्सी की अज्ञानता के कारण रस्सी सांप प्रतीत होता है; स्वयं की अज्ञानता के कारण क्षणिक स्थिति भी स्वयं का व्यक्तिगत, सीमित, अभूतपूर्व स्वरूप प्रतीत होती है.

गुरु नानक देव जी। 


कोई भी उसको तर्क से नहीं समझ सकता, चाहे वह तर्क करने में कई जीवन लगा दे.

गुरु नानक देव जी। 


बीज चाहे किसी भी प्रजाति का हो, उपयुक्त मौसम में तैयार की हुई जमीन में बोते हैं तो, बीज में मौजूद विशेष गुणों वाला एक ही तरह का पौधा उगता है.

गुरु नानक देव जी। 


मैं जन्मा नहीं हूँ, मेरे लिए कोई भी कैसे मर सकता है या जन्म ले सकता है?

गुरु नानक देव जी। 


मैं न तो पुरुष और न ही महिला हूँ, न ही मैं नपुंसक हूँ. मैं एक अमनपसंद हूँ, जिसका रूप स्वत: देदीप्यमान, शक्तिशाली कांति है.

गुरु नानक देव जी। 


जब हाथ, पैर और शरीर गन्दा हो जाता है तो जल उसे धोकर साफ़ कर देता है। जब कपड़े गंदे हो जाते हैं तो साबुन उसे साफ़ कर देता है। जब मन पाप और लज्जा से अपवित्र हो जाता है, तब ईश्वर नाम के प्रेम से वह स्वच्छ हो जाता है।
श्री गुरु नानक देव जी

गुरु नानक देव जी। 


गुरु एक ऐसी नदी के समान है,जिसका जल सर्वदा निर्मल और स्वच्छ रहता है। उससे मिलने पर तुम्हारे ह्रदय का मैल धुल जाता है।
श्री गुरु नानक देव जी

गुरु नानक देव जी। 


जो असत्य बोलता है,वह गन्दगी खाता है,जो स्वयं भ्रम में पड़ा हुआ है,वह दूसरों को सत्य बोलने का उपदेश कैसे दे सकता है।

गुरु नानक देव जी। 


प्रभु के लिए खुशियों के गीत गाओ,प्रभु के नाम की सेवा करो,और उसके सेवकों के सेवक बन जाओ।
श्री गुरु नानक देव जी

गुरु नानक देव जी। 


दुनिया में किसी भी व्यक्ति को भ्रम में नहीं रहना चाहिए. बिना गुरु के कोई भी दुसरे किनारे तक नहीं जा सकता है.

गुरु नानक देव जी। 


 प्रभु के लिए खुशियों के गीत गाओ, प्रभु के नाम की सेवा करो, और उसके सेवकों के सेवक बन जाओ.

गुरु नानक देव जी। 


उम्मीद करता हूँ की गुरु नानक देव के अनमोल विचार/वचन  का  आपको पसंद आया होगा। अगर आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो जरूर शेयर करे।

 

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Dilshad Saifi

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